पारे भीड़ में मधुली बैठ रछी
वार बटी मैं वीक मुखडी चै रछी
जब तक विल मगें नि देखि
तब तक मैं ले टूक-टूक चारि देखि रौछी ।
जैसे विल मगें देखो
मैं फिर ले उगें देखिये रौछी
मधुली कें ऐ गोय गुस्स
मधुलील पारे बटी लमथरल दी ।
वार बटी मैं वीक मुखडी चै रछी
जब तक विल मगें नि देखि
तब तक मैं ले टूक-टूक चारि देखि रौछी ।
जैसे विल मगें देखो
मैं फिर ले उगें देखिये रौछी
मधुली कें ऐ गोय गुस्स
मधुलील पारे बटी लमथरल दी ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें