मंगलवार, 24 दिसंबर 2013

पारे भीड़ में मधुली बैठ रछी
वार बटी मैं वीक मुखडी चै रछी
जब तक विल मगें नि देखि
तब तक मैं ले टूक-टूक चारि देखि रौछी ।
जैसे विल मगें देखो
मैं फिर  ले उगें देखिये रौछी
मधुली कें ऐ गोय गुस्स
मधुलील पारे बटी लमथरल दी । 

सोमवार, 16 दिसंबर 2013

शक होता है

शक होता है
फेसबुक का जमाना है
हर कोई फेसबुक में अपना मित्र बनाना चाहता है
अब जिसमे हमारी सूरत, अचार, व्यहार ठीक नही
उस वक्त कोई लड़की की फ्रेंड रिक्वेस्ट आ जाये
तब सक होता है
दिल्ली में जब विधान सभा चुनाव हुए
तब "आप" पार्टी की विजय हुई
जब सरकार बनाने का नंबर आया
तब "आप" पार्टी के मुखिया शर्तों को आगे रख पीछे खिसकते नजर आये
तब सक होता है

रविवार, 24 नवंबर 2013

कटाक्ष

3/1/2014
रात की ठिठुरती ठण्ड में
असहाय, लाचार पड़े लोग
न रैन बसेरा है न ओढ़ने को चादर
बस यूँ ही रात की ठण्ड में कपकपाते है लोग

25/12/2013
बी जे पी तू कांग्रेस पर वार कर
कांग्रेस तू बी जे पी पर वार कर
तू कर अन्य दलों पर वार
पर आम जन की भावनाओं पर खिलवाड़ न कर
कहीं ऐसा न हो कि आम जन तुमसे खेल बैठे ॥

मंगलवार, 19 नवंबर 2013

ख़ुशी के पल

चुपी  साधकर न कहते हुए भी बहुत कुछ कह गये
शर्माती हुई  पलकों को झुककर इजहार कर गये ।

जिंदगी का क्या भरोषा,
कब साथ छोड़ दे अपना ।
पल जियें दो पल जियें ,
अपनों को खुशियां देते रहें ।
कल हो न हो यह कौन जानता ,
बस यूँ समझो आज दिन आपका ॥

जीवन जीना भी तभी सरल होता है
जब मित्रो कि कतार आप-सी हो ॥
हर दुख संकटों से उभर सकते हैं
जब मित्रों की छाया साथ-साथ हो ॥

यह जिंदगी सौ जतन करने के बाद मिली है
इसे व्यर्थ न जाने दो दोस्तों
न जाने फिर यह जीवन नशीब हो न हो
जी ले आज, अफ़सोस न कर न जाने फिर कल हो न हो